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मसलन, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ को ही ​ले लीजिà¤à¥¤ कà¥à¤› सालों पहले तक हमने अपने बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¥‡ तक बिना लाठी का सहारा लिठचलते देखा है। लेकिन मॉडरà¥à¤¨ शहरी लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² जीने वाले लोग कम उमà¥à¤° में ही गठिया, रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¡ आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ में दरà¥à¤¦ या मूवमेंट की समसà¥à¤¯à¤¾ से परेशान होने लगते हैं।
1. बदà¥à¤§ कोणासन (Baddha Konasana / Cobbler Pose)
बदà¥à¤§ कोणासन बहà¥à¤¤ ही आसान योगासन है। इसे किसी à¤à¥€ आयॠका इंसान आसानी से कर सकता है। ये à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ जांघों और गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¨ को अचà¥à¤›à¤¾ खिंचाव देता है। ये हिपà¥à¤¸, पैरों, टखनों और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥€ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग देता है।
ये आसन हमारी मिड बॉडी में बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज को खतà¥à¤® करता है और बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ बढ़ा देता है। इसके अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से हिपà¥à¤¸ को दोनों साइड से अचà¥à¤›à¥€ मसाज मिलती है। इस आसन के नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने में मदद मिलती है।
बदà¥à¤§ कोणासन करने की विधि :
कमर सीधी करके योग मैट पर बैठजाà¤à¤‚।
अपनी टांगों को खोलकर बाहर की तरफ फैलाà¤à¤‚।
सांस बाहर की ओर छोड़ते हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़ें।
दोनों à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अपने पेट के नीचे की तरफ ले आà¤à¤‚।
दोनों à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤•-दूसरे को छूती रहेंगी।
इसके बाद घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को दोनों तरफ नीचे की ओर ले जाà¤à¤‚।
दोनों à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को जितना हो सके पेट के नीचे और करीब ले आà¤à¤‚।
अंगूठे और पहली अंगà¥à¤²à¥€ की मदद से पैर के बड़े अंगूठे को पकड़ लें।
ये पकà¥à¤•ा करें कि पैर का बाहरी किनारा हमेशा फरà¥à¤¶ को छूता रहे।
मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में सहज हों तो जांचें कि पà¥à¤¯à¥‚बिस और टेलबोन फरà¥à¤¶ से समान दूरी पर हैं।
पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ को सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में होना चाहिà¤à¥¤
पेरिनम फरà¥à¤¶ के समानांतर बना रहे।
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ सीधी रहे और कंधे पीछे की तरफ खिंचे रहें।
इस दौरान सैकà¥à¤°à¤® या पीठके पीछे की तिकोनी हडà¥à¤¡à¥€ à¤à¥€ मजबूत बनी रहे।
कà¤à¥€ à¤à¥€ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर जमीन को छूने के लिठदबाव न डालें।
आप जांघ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को नीचे करने के लिठहलà¥à¤•ा दबाव दे सकते हैं।
इससे घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ अपने आप जमीन की तरफ चले जाà¤à¤‚गे।
इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में 1 से 5 मिनट तक बने रहें।
सांस खींचते हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को वापस सीने की तरफ लेकर आà¤à¤‚।
पैरों को धीरे-धीरे सीधा करें। अब विशà¥à¤°à¤¾à¤® करें।
2. उतà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हसà¥à¤¤ पादांगà¥à¤·à¥à¤ ासन (Utthita Hasta Padangusthasana / Extended Hand To Big Toe Pose)
उतà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हसà¥à¤¤ पादांगà¥à¤·à¥à¤ ासन को करने से हाथों, पैरों, टखनों और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में खिंचाव आता है, जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मजबूत बनाने में बहà¥à¤¤ सहायक होता है। इस आसन को करते समय जिस पैर पर आप खड़े होते है, उसे खासतौर पर मजबूत बनाता है। ये शारीरिक संतà¥à¤²à¤¨ को बनाये रखने में सहायक होता है।
उतà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हसà¥à¤¤ पादांगà¥à¤·à¥à¤ ासन करने की विधि :
योग मैट पर ताड़ासन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में खड़े हो जाà¤à¤‚।
सांस को अंदर लें।
दाà¤à¤‚ पैर को ऊपर उठाकर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को पेट के पास ले कर आयें।
इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में दाà¤à¤‚ कूलà¥à¤¹à¥‡ पर खिंचाव महसूस होगा।
संतà¥à¤²à¤¨ बनाये रखने के लिठअपना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ बाà¤à¤‚ पैर पर रखिये।
इसके बाद बायां हाथ कमर पर रखें।
दाà¤à¤‚ हाथ से दाà¤à¤‚ पैर का अंगूठा पकड़ लें।
दाà¤à¤‚ पैर को आगे की तरफ बà¥à¤¾à¤à¤‚।
पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें कि आपका पूरा पैर सीधा हो जाà¤à¥¤
साथ ही जितना ऊपर हो सके, उतना ऊपर कर लें।
इसे अपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही करें।
इसके बाद सांस छोड़ते हà¥à¤ सिर को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ से छà¥à¤à¤‚।
कम से कम 5 बार सांस को अंदर लें और बाहर की तरफ छोड़ें।
सांस को अंदर लेते हà¥à¤ अपने सिर को ऊपर उठायें।
सिर को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ से छूने में कठिनाई हो तो सिर को जमीन की ओर à¤à¥à¤•ा कर रखें
दृषà¥à¤Ÿà¤¿ को सामने की तरफ रखते हà¥à¤ सांस को छोड़ें।
दाà¤à¤‚ पैर को बाहर की ओर घà¥à¤®à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚। संà¤à¤µ हो सके तो 90 डिगà¥à¤°à¥€ तक घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚।
इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में आने पर सिर को बाईं ओर घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚।
तब तक करना है जब तक आपकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ बाà¤à¤‚ कंधे पर ना आ जाà¤à¥¤
पांच बार सांस अंदर लें और बाहर को छोड़ें।
इस आसन में 30 से 60 सेकंड तक रà¥à¤•ें।
अब 5 बार सांस लेने के बाद इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ से बाहर आ सकते हैं।
समय सांस अंदर लेते हà¥à¤ सिर को वापस सामने की ओर ले जाà¤à¤‚।
दाà¤à¤‚ पैर को à¤à¥€ सामने की ओर लाà¤à¤‚।
फिर से à¤à¤• बार सिर को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ पर टिकाà¤à¤‚ और वापस ऊपर की तरफ ले आà¤à¤‚।
इस समय पांच बार सांस नहीं लेनी है।
अब दाà¤à¤‚ हाथ को à¤à¥€ कमर पर रख लें, लेकिन दाà¤à¤‚ पैर को ऊपर ही रखें।
इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ पांच बार सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें।
आसन को समापà¥à¤¤ करने के लिठअपने दाà¤à¤‚ पैर को नीचे कर लें।
अब ताड़ासन की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ को समापà¥à¤¤ कर दें।
अब यही पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बाईं ओर à¤à¥€ दोहराà¤à¤‚।
3. मालासन (Malasana / Squat Or Garland Pose)
मालासन को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के लिठबेहतरीन योगासन माना जाता है। ये लोअर बैक के लिठअचà¥à¤›à¤¾ काम करता है और पीठकी मांसपेशियों को लचीला बनाता है। ये कमर और सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ के मूवमेंट को à¤à¥€ बेहतर बनाता है।
मालासन का नियमित रूप से अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने पर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ की मांसपेशियों में मजबूती आने लगती है। ये इनर थाइज, कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤¸, हैमसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग, कावà¥à¤¸ को टोन करता है। ये टांगों में रकà¥à¤¤ संचार को à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¤à¤¾ है। साइटिका और वेरिकोज वेन की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर मालासन बहà¥à¤¤ कारगर होता है।
मालासन करने की विधि :
योग मैट पर ताड़ासन में खड़े हो जाà¤à¤‚।
रीढ़ को खींचते हà¥à¤ पेट को à¤à¥€à¤¤à¤° की ओर खींचें।
कंधों को ऊपर की तरफ खींचते हà¥à¤ कà¥à¤› गहरी सांसें लें और छोड़ें।
दोनों हाथों को नमसà¥à¤¤à¥‡ या पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤®à¤¾à¤¸à¤¨ की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में लेकर आà¤à¤‚।
सीने को फà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚ और सखà¥à¤¤ बनाठरखें।
गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें।
सांस छोड़ते हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल नीचे बैठजाà¤à¤‚।
टांगें साथ रहेंगी लेकिन घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बीच अंतर रहना चाहिà¤à¥¤
जांघों को धीरे-धीरे फैलाà¤à¤‚।
जांघों को शरीर की चौड़ाई से थोड़ा बाहर ले जाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
सांस छोड़ते हà¥à¤ आगे à¤à¥à¤•ें जिससे धड़ जांघों के बीच में फिट हो जाà¤à¥¤
दोनों कà¥â€‹à¤¹à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ इनर थाइज पर टिका दें।
अब धड़ आराम से बाहर निकाल सकेगा।
à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ जांघों को धड़ के बगल से दबाà¤à¤‚।
बाहों को फैलाकर घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚ कि पिंडली बगल में फिट हो जाà¤à¥¤
अब अपनी à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पकड़ें।
इस पोज को कà¥à¤› सेकेंड तक रोककर रखें।
सांस ​à¤à¥€à¤¤à¤° खींचते हà¥à¤ आसन को विराम दें।
4. वीरासन (Virasana / Hero Pose)
वीरासन के फायदे बेमिसाल हैं। इससे टांगों को अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मिलता है, ये आपको रोजमरà¥à¤°à¤¾ की जिंदगी से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कामों जैसे दौड़ना, वॉकिंग और साइकिलिंग में मदद मिलती है। ये आपके टांगों को à¤à¥€à¤¤à¤° से मजबूत बनाता है।
आपके कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¥€à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤¸ की लंबाई बढ़ती है और सैकà¥à¤°à¤® / Sacrum (कमर के पीछे की तिकोनी हडà¥à¤¡à¥€) चौड़ी होती है। कई बार कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर बैठने वाले लोगों को ये हडà¥à¤¡à¥€ सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ की शिकायत आती है। ये आसन कबà¥à¤œ और कमजोर पाचन की समसà¥à¤¯à¤¾ से निपटने में à¤à¥€ मदद मिलती है।
वीरासन को मेडिटेशन के लिठà¤à¥€ बेसà¥à¤Ÿ आसन माना जाता है। इस आसन को करने के दौरान आप दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रहते हà¥à¤ à¤à¥€ दूर हो जाते हैं। आपका सोता हà¥à¤† अवचेतन मन जागà¥à¤°à¤¤ हो जाता है। ये आसन किसी मजबूत शरीर और सà¥à¤¥à¤¿à¤° मन वाले योदà¥à¤§à¤¾ के लिठही बनाया गया था।
वीरासन करने की विधि :
योग मैट पर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल बैठजाà¤à¤‚।
घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ हिपà¥à¤¸ के ठीक नीचे होंं। हाथों को आराम से घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर रखें।
घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को पास लाà¤à¤‚ जिससे पैरों के बीच का अंतर अपने आप बढ़ जाà¤à¤—ा।
ये अंतर हिपà¥à¤¸ की चौड़ाई से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना चाहिà¤à¥¤
मजबूती से पैरों के टॉपà¥à¤¸ को फरà¥à¤¶ की तरफ दबाà¤à¤‚।
धीरे-धीरे अपने हिपà¥à¤¸ को नीचे की तरफ लाà¤à¤‚।
पिंडलियों को मोड़ते हà¥à¤ दूर करें। हिपà¥à¤¸ à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के ठीक बीच में रहें।
पैरों की अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बाहर की तरफ निकलने दें।
टखने à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में होने चाहिà¤, जैसे वो घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को बचा रहे हों।
नाà¤à¤¿ को à¤à¥€à¤¤à¤° की तरफ खींचें।
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ को खींचते हà¥à¤ सिर को पीछे की तरफ à¤à¥à¤•ाने की कोशिश करें।
वीरासन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ 30 सेकेंड तक करें। इसके बाद धीरे-धीरे सामानà¥à¤¯ हो जाà¤à¤‚।
दकà¥à¤· होने के बाद ही आसन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ मेडिटेशन के लिठकरें।
5. कà¥à¤°à¥‹à¤‚चासन (Krounchasana / Heron Pose)
कà¥à¤°à¥‹à¤‚चासन, योग विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में मधà¥à¤¯à¤® कठिनाई वाला आसन है। इसे अषà¥à¤Ÿà¤¾à¤‚ग योग की शैली का आसन माना जाता है। कà¥à¤°à¥‹à¤‚चासन का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ 30 सेकेंड से लेकर 1 मिनट तक किया जाना चाहिà¤à¥¤ इस आसन को करने से लोगों के जोड़ लचीले होने लगते हैं और जिन लोगों के पैर फà¥à¤²à¥ˆà¤Ÿ होते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ काफी राहत मिलती है।
कà¥à¤°à¥‹à¤‚चासन करने की विधि :
योग मैट पर बैठकर पैरों को सामने की ओर फैला लें।
दाहिने पैर को मोड़कर पीछे की तरफ ले जाà¤à¤‚ और कूलà¥à¤¹à¥‡ के नीचे दबा लें।
शरीर को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने की कोशिश करें।
दोनों हाथों से बाà¤à¤‚ पैर के तलवे को पकड़कर ऊपर उठाà¤à¤‚।
गरà¥à¤¦à¤¨ और पीठको सीधा बनाठरखें।
पैर को उठाते हà¥à¤ गरà¥à¤¦à¤¨ की सीध में लाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
गहरी सांस खींचते रहें और इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 30 सेकेंड तक बने रहें।
सांस छोड़ते हà¥à¤ पैर को नीचे की तरफ लेकर आà¤à¤‚।
इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को दूसरे पैर के साथ à¤à¥€ करें।
6. पदà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¨ (Padmasana / Lotus Pose)
पदà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¨ के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से पैरों में लचीलापन बढ़ता है। ये जांघों, टखनों, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚, तलवों और à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बेहतरीन सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š और मजबूती देता है। इस आसन के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से शरीर न सिरà¥à¤« मजबूत बलà¥à¤•ि बेहद लचीला à¤à¥€ बनता है।
पदà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¨ करने से शरीर के साथ ही मन को à¤à¥€ बहà¥à¤¤ जबरदसà¥à¤¤ फायदे मिलते हैं। अगर कà¤à¥€ अशांत और बेचैन महसूस कर रहे हों तो पदà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¨ का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें। ये मन को शांत करने में मदद करेगा। योगी इस आसन को अलौकिक ऊरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने, मेडिटेशन या धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करने, चकà¥à¤° या कà¥à¤‚डलिनी को जागà¥à¤°à¤¤ करने के लिठकरते हैं।
पदà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¨ करने की विधि :
योग मैट पर सीधे बैठजाà¤à¤‚।
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ सीधी रखें और टांगों को फैलाकर रखें।
धीरे से दाà¤à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को मोड़कर बायीं जांघ पर रखें।
à¤à¤¡à¤¼à¥€ पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ को छूनी चाहिà¤à¥¤
à¤à¤¸à¤¾ ही दूसरी पैर के साथ à¤à¥€ करते हà¥à¤ पेट तक लेकर आà¤à¤‚।
दोनों पैरों के कà¥à¤°à¥‰à¤¸ होने के बाद अपने हाथों को मनपसंद मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में रखें।
सिर और रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ को सीधा रखें।
लंबी और गहरी सांसें लेते रहें।
सिर को धीरे से नीचे की तरफ ले जाà¤à¤‚।
ठोड़ी को गले से छूने की कोशिश करें।
इसी आसन को दूसरे पैर को ऊपर रखकर अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
7. नटराजासन (Natarajasana / Lord of the Dance Pose)
नटराजासन मधà¥à¤¯à¤® कठिनाई या इंटरमीडिà¤à¤Ÿ लेवल का आसन है। इसे विनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ योग की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में रखा जाता है। इस आसन को करने की अवधि 15 से 30 सेकेंड की होती है। इसे à¤à¤•-à¤à¤• बार दोनों पैरों से करना चाहिà¤à¥¤
नटराजासन को करने के दौरान कंधों, जांघों, पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡, पसलियों और लिंग के आसपास की मांसपेशियों पर खिंचाव आता है। जबकि नटराजासन के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से टांगें, à¤à¤¡à¤¼à¥€ और रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ मजबूत होती है।
नटराजासन करने की विधि :
योग मैट पर ताड़ासन में खड़े हो जाà¤à¤‚।
सांस à¤à¥€à¤¤à¤° लें, और बायां पैर पीछे की ओर उठाà¤à¤‚!
पैर को इतना उठाà¤à¤‚ कि à¤à¤¡à¤¼à¥€ बाà¤à¤‚ हिपà¥à¤¸ को टच करने लगे।
घà¥à¤Ÿà¤¨à¤¾ म़à¥à¤¡à¤¼à¤¾ रहे। पूरे शरीर का वजन दाà¤à¤‚ पैर पर रहेगा।
दायीं जांघ का दबाव हिपà¥à¤¸ के जोड़ की तरफ डालें।
दाà¤à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को ऊपर की तरफ खींचते हà¥à¤ जोर डालें।
दायां पैर मजबूत और सीधा बना रहे।
धड़ को सीधा रखें। बाà¤à¤‚ हाथ से बाà¤à¤‚ पैर को पकड़ें।
निचली पीठदबी हà¥à¤ˆ न रहे।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि पà¥à¤¯à¥à¤¬à¤¿à¤¸ का हिसà¥à¤¸à¤¾ नाà¤à¤¿ की तरफ उठा हà¥à¤† है।
फरà¥à¤¶ पर अपनी टेलबोन को दबाà¤à¤‚।
बाà¤à¤‚ पैर को ऊपर उठाना शà¥à¤°à¥‚ करें।
फरà¥à¤¶ से दूर और पीछे, अपने धड़ से दूर।
बाईं जांघ को पीछे बढ़ाà¤à¤‚ और फरà¥à¤¶ के समानांतर।
दाहिने हाथ को आगे बढ़ाà¤à¤‚, जैसे कि वह फरà¥à¤¶ के समानांतर हो।
इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 15 से 30 सेकेंड तक बने रहें।
बाद में इसी आसन को दूसरे पैर से दोहराà¤à¤‚।
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